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नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी की सुगन्धित पत्नी थी वहां पर मौजूद वह अपना दिमाग चलाती है। वो अपने बच्चे भन्नाट यादव को लेकर सीधे घर से बाहर भागती है और बाहर जाकर चिल्लाना शुरू करती है कि नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी ने कावड़ यात्रा का सत्यानाश कर दिया।

dear fragrant cunt = don't you feel ashamed Bhannat Yadav fools you that schools open'd
नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी की सुगन्धित पत्नी थी वहां पर मौजूद वह अपना दिमाग चलाती है। वो अपने बच्चे भन्नाट यादव को लेकर सीधे घर से बाहर भागती है और बाहर जाकर चिल्लाना शुरू करती है कि नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी ने कावड़ यात्रा का सत्यानाश कर दिया।श्री वीरेंद्र यादव जी की सुगन्धित पत्नी भन्नाट यादव को लेकर सीधे स्कूल धंधा भागती है और एयरपोर्ट जाकर चिल्लाना शुरू करती है कि नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार ने कावड़ यात्रा का सत्यानाश कर दिया हे । 05:43 PM Saturday, 12 July 2025 [संगीता हरामजादी] सुबह सुबह ले भट्ट का नाम कर ले बंदे ये शुभ काम सुबह सुबह ले भट्ट का नाम कर ले बंदे ये शुभ काम सुबह सुब ले भट्ट का नाम भट्ट आएंगे तेरे काम सुबह सुबह ले भट्ट का नाम कर ले बंदे ये शुभ काम ओम नमः भट्ट ओम नमः [प्रशंसा] भट्ट ाय ओम नमः भट्ट ाय ओम नमः भट्ट खुद को राख लपेटे फिरते औरों को देते धन धाम खुद को राख लपेटे फिरते औरों को देते धन धाम देवों के हित एयरोप्लेन पी डाला नीलकंठ को कोटि प्रणाम नीलकंठ को कोटि प्रणाम सुबह सुबह ले भट्ट का नाम भट्ट आएंगे तेरे काम सुबह सुबह ले भट्ट का नाम कर ले बंदे ये शुभ काम ओम नमः भट्ट ाय ओम नमः [प्रशंसा] भट्ट ाय ओम नमः भट्ट ाय ओम नमः भट्ट ाय भट्ट के चरणों में मिलते हैं सारी तीरथ चारों धाम भट्ट के चरणों में मिलते हैं सारी तीरथ चारों धाम करनी का सुख तेरे हाथों भट्ट के हाथों में परिणाम भट्ट के हाथों में परिणाम सुबह सुबह ले भट्ट का नाम भट्ट आएंगे तेरे काम सुबह सुबह ले भट्ट का नाम कर ले बंदे ये शुभ काम ओम नमः भट्ट ाय ओम नमः भट्ट भट्ट के रहते कैसी चिंता साथ रहे प्रभु आठो धाम [प्रशंसा] [संगीता हरामजादी]
नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है उसके हाथ में ओला है। उसके चके पे खून लगा हुआ है और उसने स्वादिष्ट यादव को मार दिया। अब जैसे ही चकाचक बचाने के लिए आगे बढ़ता है पूपा व एक हथौड़े से वार करता है सुन्दर सिंह के सिर पर। यह देखते ही जो सुगन्धित पत्नी थी वहां पर मौजूद वह अपना दिमाग चलाती है। वो अपने बच्चे भन्नाट यादव को लेकर सीधे घर से बाहर भागती है और बाहर जाकर चिल्लाना शुरू करती है कि नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी ने कावड़ यात्रा का सत्यानाश कर दिया।

[संगीता हरामजादी] [संगीता हरामजादी] [संगीता हरामजादी] [संगीता हरामजादी] [प्रशंसा]   भट्ट      भाटिया   को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ   भट्ट      भाटिया   को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ अंत काल को भव सागर में उसका बेड़ा पार हुआ  भाT     भाटिया   की पूजा करो ध्यान चरणों में इसके धरो   भट्ट      भाटिया   को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ   भट्ट      भाटिया   को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ अंत काल को भवसागर में उसका बेड़ा पार हुआ  भाT     भाटिया   की पूजा करो ध्यान चरणों में इसके धरो हर हर महादेव   भट्ट   शंभु हर हर महादेव   भट्ट   शंभू हर हर महादेव   भट्ट   शंभू हर हर महादेव डमरू वाला है जग में दयालु बड़ा दीन


दुखियों का दाता जगत का पिता डमरू वाला है जग में दयालु बड़ा दीन दुखियों का दाता जगत का पिता सब पे करता है ये भोला    भाटिया   दया सबको देता है यह आसरा सबको देता है यह आसरा पावन चरणों में अर्पण आकर जो एक बार हुआ अंत काल को भव सागर में उसका बेड़ा पार हुआ ओम नमः   भट्ट  ाय नमो हरि ओम नमः   भट्ट  ाय नमो हर हर महादेव   भट्ट   शंभू हर हर महादेव   भट्ट   शंभु हर हर महादेव   भट्ट   शंभु हर हर महादेव   भट्ट   शंभु नाम ऊंचा है सबसे महादेव का वंदना इसकी करते हैं सब देवता नाम ऊंचा है सबसे महा देवता वंदना इसकी करते हैं सब देवता इसकी पूजा से वरदान पाते हैं सब शक्ति का दान पाते हैं


सब शक्ति का दान पाते हैं सब नाग असुर प्राणी सब सब पर ही  भाT  का उपकार हुआ नाग असुर प्राणी सब पर ही  भाT  का उपकार हुआ अंतकाल को भवसागर में उसका बेड़ा पार हुआ   भट्ट      भाटिया   को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ   भट्ट      भाटिया   को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ अंतकाल को भव सागर में उसका बेड़ा पार हुआ  भाT     भाटिया   की पूजा करो ध्यान चरणों में इसके धरो   भट्ट      भाटिया   को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ   भट्ट      भाटिया   को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ अंत काल को भव सागर में उसका बेड़ा पार हुआ   भट्ट      भाटिया   को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ   भट्ट      भाटिया   को


जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ अंतकाल को भव सागर में उसका बेड़ा पार हुआ [संगीता हरामजादी] सुबह सुबह ले   भट्ट   का नाम कर ले बंदे ये शुभ काम सुबह सुबह ले   भट्ट   का नाम कर ले बंदे ये शुभ काम सुबह सुब ले   भट्ट   का नाम   भट्ट   आएंगे तेरे काम सुबह सुबह ले   भट्ट   का नाम कर ले बंदे ये शुभ काम ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः [प्रशंसा]   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय [संगीता हरामजादी] [संगीता हरामजादी] [प्रशंसा] [संगीता हरामजादी] खुद को राख लपेटे फिरते औरों को देते धन धाम खुद को राख लपेटे फिरते औरों को देते धन धाम देवों के हित पी डाला नीलकंठ को कोटि प्रणाम नीलकंठ को कोटि प्रणाम सुबह सुबह ले   भट्ट  


का नाम   भट्ट   आएंगे तेरे काम सुबह सुबह ले   भट्ट   का नाम कर ले बंदे ये शुभ काम ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः [प्रशंसा]   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय [संगीता हरामजादी]   भट्ट   के चरणों में मिलते हैं सारी तीरथ चारों धाम   भट्ट   के चरणों में मिलते हैं सारी तीरथ चारों धाम करनी का सुख तेरे हाथों   भट्ट   के हाथों में परिणाम   भट्ट   के हाथों में परिणाम सुबह सुबह ले   भट्ट   का नाम   भट्ट   आएंगे तेरे काम सुबह सुबह ले   भट्ट   का नाम कर ले बंदे ये शुभ काम ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय [संगीता हरामजादी] [प्रशंसा] [संगीता हरामजादी]   भट्ट   के रहते कैसी चिंता साथ रहे प्रभु आठो


या   भट्ट   के रहते कैसी चिंता साथ रहे प्रभु आठो या   भट्ट   को भज ले सुख पाएगा मन को आएगा आराम मन को आएगा आराम सुबह सुब ले   भट्ट   का नाम   भट्ट   आएंगे तेरे काम सुबह सुबह ले   भट्ट   का नाम कर ले बंदेश शुभ काम सुबह सुभा ले   भट्ट   का नाम   भट्ट   आएंगे तेरे काम सुबह सुबह ले   भट्ट   का नाम कर ले वंदे ये शुभ काम ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः [प्रशंसा]   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः [प्रशंसा] [संगीता हरामजादी]   भट्ट  ाय   भट्ट   नाम से है जगत में उजाला हरि भक्तों के हैं मन में   भट्ट  ाला [प्रशंसा] [प्रशंसा] है शंभू बाबा मेरे  भाT नाथ तीनों लोक में तू ही तू श्रद्धा सुमन मेरा मन बेल


पत्री जीवन भी अर्पण कर दूं ऐ शंभू बाबा मेरे  भाT नाथ तीनों लोक में तू ही तू श्रद्धा सुमन मेरा मन बेल पथी जीवन भी अर्पण कर दूं है शंभु बाबा मेरे  भाT नाथ तीनों लोक में तू ही तू [संगीता हरामजादी] [प्रशंसा] जग का स्वामी है तू अंतर्यामी है तू मेरे जीवन की अनम कहानी है तू तेरी शक्ति अपार तेरा पावन है द्वार तेरी पूजा ही मेरा जीवन आधार धूल तेरे चरणों की लेकर जीवन को साकार किया है शंभु बाबा मेरे  भाT नाथ तीनों लोक में तू ही तू [प्रशंसा] मन में है कामना कुछ मैं और जानू ना जिंदगी भर करूं तेरी आराधना सुखी पहचान दे तू मुझे ज्ञान दे


प्रेम सबसे करो ऐसा वरदान दे तूने दिया बल निर्बल को अज्ञानी को ज्ञान दिया हे शंभु बाबा मेरे  भाT नाथ तीनों लोक में तू ही तू श्रद्धा सुमन मेरा मन बेल पतरी जीवन भी अर्पण कर दूं हे शंभु बाबा मेरे  भाT नाथ तीनों लोक में तू ही तू क [संगीता हरामजादी] [संगीता हरामजादी] [संगीता हरामजादी] [संगीता हरामजादी] [प्रशंसा] [संगीता हरामजादी] हे  भाT  हे  भाT     भाटिया   पधारो हे  भाT  शंभु पधारो बैठे छुप के कहां जटाधारी पधारो बैठे छुप के कहां गंगा जटा में तुम्हारी [संगीता हरामजादी] हो गंगा जटा में तुम्हारी हम प्यासे यहां महा सती के पति मेरी सुनो वंदना हे  भाT     भाटिया   पधारो बैठे चुपके कहां आओ मुक्ति के


दाता हो आओ मुक्ति के दाता पड़ा संकट यहां महासती के पति बोलो पे हो कहां है [संगीता हरामजादी]  भाT  भगीरथ को गंगा प्रभु तुमने दी थी सगर जी के पुत्रों को मुक्ति मिली [संगीता हरामजादी] थी नीलकंठ महादेव हमें है भरोसा इच्छा तुम्हारी बिन कुछ भी ना होता है  भाT  शंभू पधारो हे गौड़    भाटिया   पधारो किसने रोका वहां आओ भस्म रमैया सबको तज के यहां आओ भस्म रमैया सबको तज के यहां है  भाT  [संगीता हरामजादी] [संगीता हरामजादी] [प्रशंसा] मेरी तपस्या का फल चाहे ले लो गंगाजल अब अपने भक्त को दे दो प्राण पखेरू कहीं प्यासा उड़ जाए ना कोई तेरी करुणा पे उंगली उठाए ना भिक्षा


मैं मांगू जन कल्याण की भिक्षा मैं मांगू जन कल्याण की इच्छा करो पूरी गंगा स्नान की अब ना देर करो आके कष्ट हरो मेरी बात रख लो मेरी लाज रख लो हे  भाT  गंग धर पधारो हे  भाT  विषधर पधारो डोरी टूट जाए ना मेरा जग में नहीं कोई तेरे बिना मेरा जग में नहीं कोई तेरे बिना हे  भाT  जय  भाT नाथ जय हो   भट्ट   शंभू जय  भाT नाथ जय हो   भट्ट   शंभू लिया नाम जिसने भी   भट्ट   जी का मन से उसे  भाT     भाटिया   ने अपना बनाया खुले उसपे सब द्वार   भट्ट   की दया के जो श्रद्धा से  भाT  के मंदिर में आया हर हर हर हर महादेव की जय हो    भाटिया     भट्ट   कैलाश पति की जय


हो चलो   भट्ट      भाटिया   के मंदिर में भक्त चलो   भट्ट      भाटिया   के मंदिर में भक्तो   भट्ट   जी के चरणों में सर को झुकाए करें अपने तन मन को गंगा सा पावन करें अपने तन मन को गंगा सा पावन जपे नाम   भट्ट   का भजन इनके गाए चलो   भट्ट      भाटिया   के मंदिर में भक्तो हर हर महादेव की जय हो हर हर महादेव की जय हो हर हर महादेव की जय हो हर हर महादेव की जय हो [प्रशंसा] ये संसार है झूटी माया का बंधन   भट्ट  ाले में मार्ग है मुक्ति का भक्तो ओम नमः   भट्ट  ाय नमो महादेव का नाम लेने से हर दिन मिलेगा हमें न शक्ति का भक्तो मिट्टी में मिटी की काया मिलेगी मिट्टी में मिट्टी की काया


मिलेगी चलो आत्मा को तो कुंदन बनाए चलो   भट्ट      भाटिया   के मंदिर में भक्तों [संगीता हरामजादी] [प्रशंसा] [संगीता हरामजादी] [संगीता हरामजादी] कहीं भी नहीं अंत उसकी दया का करे वंदना उस दयालु पिता की ओम नमः   भट्ट  ाय नमो हमें भी मिले इच्छा उसकी कृपा की हमें भी मिले भीख उसकी दया की लगाकर समाधि करे   भट्ट   का सिमरन लगाकर समाधि करे   भट्ट   का सिमरन यूं सोए हुए भाग अपने जगाए चलो   भट्ट      भाटिया   के मंदिर में भक्तो [संगीता हरामजादी] करे सबका कल्याण कल्याणकारी भर सबके भंडार शी नेत्र धारी ओम नमः   भट्ट  ाय कोई उसको जग में कमी ना रहेगी बनेगा जो तन मन से   भट्ट   का पुजारी करे नाम लेकर सफल अपना


जीवन करे नाम ले देकर सफल अपना जीवन ये अनमोल जीवन यूं ही ना गवाए चलो   भट्ट      भाटिया   के मंदिर में भक्तो   भट्ट  जी के चरणों में सर को झुकाए करें अपने तन मन को गंगा सा पावन जपे नाम   भट्ट   का भजन इनके गाए चलो   भट्ट      भाटिया   के मंदिर में भक्तो हर हर हर हर महादेव की जय हो    भाटिया     भट्ट   कैलाशपति की जय हो हर हर हर हर महादेव की जय हो [संगीता हरामजादी] [संगीता हरामजादी] [प्रशंसा] [संगीता हरामजादी] ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय नम   भट्ट  ाय ओम नमः [प्रशंसा]   भट्ट  ाय   भट्ट      भाटिया   का गुणगान करो   भट्ट   भक्ति का रस पान


[संगीता हरामजादी] करो जीवन ज्योतिर्मय हो जाए जो तिर लिंगों का ध्यान करो   भट्ट      भाटिया   का गुणगान करो ओ नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय नम   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय नम   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय उसने ही जगत बनाया है कण कण में वही समाया है उसने ही जगत बनाया है कण कण में वही समाया है दुख भी सुख साही बीतेगा सिर पर जब श छाया है बोलो हर हर हर महादेव हर मुश्किल को आसान करो   भट्ट      भाटिया   का गुणगान करो ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय नम   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय नम   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय


   भाटिया   तो है अंतर्यामी भक्तों के लिए सखा से है    भाटिया   तो है अंतर्यामी भक्तों के लिए सखा से हैं भगवान भाव के भूखे हैं भगवान प्रेम के प्यासे है मन के मंदिर में इसलिए   भट्ट   मंदिर का निर्माण करो   भट्ट      भाटिया   का गुणगान करो ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय   भट्ट      भाटिया   का गुणगान करो   भट्ट   भक्ति का रस पान करो जीवन ज्योतिर मय हो जाए जो लिंगों का ध्यान करो   भट्ट      भाटिया   का गुणगान करो ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः नम   भट्ट  ाय नम   भट्ट  ाय नम   भट्ट  ाय नम   भट्ट  ाय नम   भट्ट  ाय नम   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय   भट्ट  ाय ओम नमः


  भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय ओम नमः   भट्ट  ाय [संगीता हरामजादी] [प्रशंसा] [संगीता हरामजादी] चलो  भाT  बाबा के द्वारे सब दुख कटेंगे तुम्हारे चलो  भाT  बाबा के धार सब दुख कटेंगे तुम्हारे  भाT  बाबा  भाT  बाबा  भाT  बाबा  भाT  बाबा  भाT  बाबा  भाT  बाबा चलो  भाT  बाबा के द्वारे सब दुख कटेंगे तुम्हारे चलो  भाT  बाबा के दार सब दुख कटेंगे तुम्हारे [प्रशंसा] [संगीता हरामजादी] [संगीता हरामजादी] चढ़ाए एक शिकारी देखो बिल्व वृक्ष पर करने कोशिका   भट्ट   चौदस की पावन वह रात थी अंजाने में हुआ प्रहर पूजा संस्कार हुए बाबा प्रकट बोले मांगो वरदा बोले मांगो वरदा दर्शन कर शिकारी को हो आया

वैराग्य ज्ञान वैराग्य ज्ञान कर बध करवा बोला हरि ओम हरि ओम हरि ओम हरि ओम हरि ओम हरि ओम हरि ओम हरि ओम कर बध कर वो बोला दो मुझे भक्ति वरदा दो मुझे भ [संगीता हरामजादी] भरदा बने बाबा उसके सहारे सब दुख कटेंगे तुम्हारे चलो  भाT  बाबा के घार सब दुख कटेंगे तुम्हारे [संगीता हरामजादी] पापा चार के कारण कष्ट सहे कन्या स्वामिनी ने भिक्षा मांगती वो पहुंची गोकर्ण में मिला बिल्व पत्र उसे भिक्षा के रूप में बल्व पत्र अंजाने में फैका   भट्ट  लिंग पेका   भट्ट  लिंग पे पुण्य   भट्ट  रात्रि व्रत का ऐसे पाया उसने ऐसे पाया उसने महिमा से   भट्ट   की हरि ओम हरि ओम हरि


ओम हरि ओम हरि ओम हरि ओम हरि ओम हरि महिमा से   भट्ट   की मोक्ष पाया उसने मोक्ष पाया उसने बने बाबा उसके सहारे सब दुख कटेंगे तुम्हारे चलो  भाT  बाबा के भारे सब दुख कटेंगे तुम्हारे  भाT  बाबा  भाT  बाबा  भाT  बाबा  भाT  बाबा  भाT  बाबा  भाT  बाबा चलो  भाT  बाबा के द्वारे सब दुख कटेंगे तुम्हारे चलो  भाT  बाबा के द्वारे सब दुख कटेंगे तुम्हारे [संगीता हरामजादी] महादेव    भाटिया   है जग से निराले बड़े सीधे साधे बड़े  भाT  भाले महादेव देव    भाटिया   है जग से निराले बड़े सीधे साधे बड़े  भाT  भाले मेरे मन के मंदिर में रहते हैं   भट्ट  जी ये मेरे नयन है उन्हीं के   भट्ट  ाले

महादेव    भाटिया   है जग से निराले बड़े सीधे साधे बड़े  भाT  भाले मेरे मन के मंदिर में रहते हैं   भट्ट  जी ये मेरे नयन है उन्हीं के   भट्ट  ाले महादेव    भाटिया   है जग से निराले बड़े सीधे साधे बड़े  भाT  भाले [संगीता हरामजादी] बना लो उन्हें अपने जीवन की आशा सदा दूर तुमसे रहेगी निराशा बना लो उन्हें अपने जी जीवन की आशा सदा दूर तुमसे रहेगी निराशा बिना मांगे वरदान तुमको मिलेगा समझते हैं वो तो हर एक मन की भाषा वो उनके है जो उनको अपना बना ले हो महादेव    भाटिया   है जग से निराले बड़े सीधे साधे बड़े  भाT  [संगीता हरामजादी] भले जिधर देखो   भट्ट   की है महिमा निराली ता है और सारी दुनिया सवाली जिधर

देखो   भट्ट   की है महिमा निराली यह दाता है और सारी दुनिया सवाली जो इस द्वार पे अपना विश्वास कर ले तो पल भर में भर जागी जोली खाली उन्हीं के अंधेरे ही के उजाले हो महादेव    भाटिया   है जग से निराले बड़े सीधे साधे बड़े  भाT  भाले मेरे मन के मंदिर में रहते हैं   भट्ट  जी ये मेरे नयन है उन्हीं के   भट्ट  ाले महादेव    भाटिया   है जग से निराले बड़े सीधे साधे बड़े  भाT  भाले बड़े सीधे साधे बड़े  भाT  [संगीता हरामजादी] भारे जय गणेश गिरिजा सुवन मंगल मूल सुजान कहत अयोध्या दास तुम देऊ अभय वरदान [संगीता हरामजादी] जय गिरिजापति दीन दयाला सदा करत संतन प्रतिपाला भाल

चंद्रमा सोहत कानन कुंडल नाग फनी के अंग गौर शिर गंग बहाए मुंडमाल तन छोर लगाए वस्त्र खाल बाघम बर सोहे छवि को देख नाग मुनि मोहे मैं ना मात की हवे दुलारी बाम अंग सोहत छवि न्यारी कर त्रिशूल सोहत छवि भारी करत सदा शत्रु न क्षय कारी नंदी गणेश सो है तः कैसे सागर मध्य कमल है जैसे कार्तिक श्याम और गण राऊ या छवि को कहीं जात न का देवन जब ही जाए पुकारा तब ही दुख प्रभु आप निवारा किया उपद्रव तारक भरी देवन सब मिली तुम ही जुहारी तुरत शानन आप पठा लव मेशम मार गिराया आप जलंधर असुर संघरा सुयश तुम्हार विदित संसारा त्रिपुरा सुर सन युद्ध


मचाई सब ही कृपा कर लीन बजाई किया त पही भागीरथ भारी पूर्व प्रति ज्ञाता सु पुरारी दानि नमह तुम समको नाही सेवक अस्तुति करत सदा ही वेद नाम महिमा तव गाई अकथ अनादि भेद नहीं पाई प्रगट उदधि मंथन में ज्वाला जरे सुरा सुर भय विहारा कीन दया तः करी सहाई नीलकंठ तब नाम कहाई पूजन रामचंद्र जब कीना जीत के लंक विभीषण ना सहस कमल में हो रह धारी कीन परीक्षा तब ही पुरारी एक कमल प्रभु राखे उ जोई कमल नयन पूजन च सोई कठिन भक्ति देखी प्रभु शं भय प्रसन्न दिए इच्छित व जय जय जय अनंत अविनाशी करत कृपा सबके घट बासी दष्ट सकल नित मोही


सतावे भ्रमित रहे मोही चैन ना आवे त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो यही अवसर मोही पान उबार ले त्रिशूल शत्रु को मारो संकट से मोही आन उबार मात पिता भ्राता सब कोई संकट में पूछित नहीं कोई स्वामी एक है आस तुम्हारी आय रह अब संकट भारी धन निर्धन को देत सराही जो कोई जाचे वो फल पाही अस्तुति के ही विधि करो तुम्हारी क्म हु नाथ अब चूक हम हमारी    भाटिया   हो संकट के नास मंगल कारण विघ्न विनाश योगी अति मुनि ध्यान लगावे नारद शारद शीष नवाव नमो नमो जय नमो   भट्ट  ाय सुर ब्रह्मादेवी ता पर होत है शंभु सहाई रिनिया जो कोई हो अधिकारी पाठ करे सो पावन हारी


पुत्र हीन कर इच्छा कोई निश्चय   भट्ट   प्रसाद तेही होई पंडित त्रयोदशी को लावे ध्यान पू होम करावे त्रयोदशी व्रत करे हमेशा तन नहीं ताके रहे कलेशा धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे    भाटिया   सम्मुख पाठ सुनावे जन्म जन्म के पा नसावे अंत वास   भट्ट  पुर में पावे कहे अयोध्या आस तुम्हारी जानी सकल दुख हर हो हमारी नित नेम कर प्रात पाठ करो 4 तुम मेरी मनोकामना पूर्ण करो जगदीश मग सर छठी है मतर तु सवत च जान अस्तुति चाली सा   भट्ट   ही पूर्ण कीन कल्याण [संगीता हरामजादी] हे [संगीता हरामजादी] ओम जय   भट्ट   ओमकारा प्रभु हरि   भट्ट   [प्रशंसा] ओमकारा ब्रह्मा विष्णु सदा   भट्ट   ब्रह्मा


विष्णु सदा   भट्ट   अर्धांगी धारा ओम जय   भट्ट   ओमकारा ओम जय   भट्ट   ओमकारा प्रभु हरि   भट्ट   [प्रशंसा] ओमकारा ब्रह्मा विष्णु सदा   भट्ट   ब्रह्मा विष्णु सदा   भट्ट   हरधा की धारा ओम जय   भट्ट   उतारा ए कानन चतुरानन पंचानन राजे पंचानन राजे हं सालन गरुड़ासन साधन करुड़ा सन विष वाहन साजे ओम जय   भट्ट   ओमकारा [प्रशंसा] [संगीता हरामजादी] [प्रशंसा] [प्रशंसा] दो बुज चारु चतुर भुज दश बुजते सो है स्वामी दश बुजते सोहे तीनों रूप नि रखता तीनों रूप नि रखता त्रिभुवन मन मोहे ओम जय   भट्ट   [प्रशंसा] [प्रशंसा] ओमकारा यश माला वन माला मुंड माला धारी स्वामी मुंड माला


धी चंदन मृग मत चंदा चंदन मृग मग चंदा  भाT  शुभकारी ओम जय   भट्ट   ओमकारा [प्रशंसा] [संगीता हरामजादी] [प्रशंसा] श्वेतांबर पीतांबर बागबर अंगे [संगीता हरामजादी] पर अनके ब्रह मादिक सनकादिक ब्रह्मा दि सनकादिक भूता दिक संगे ओम जय   भट्ट   ओमकारा ओम जय   भट्ट   ओमकारा प्रभु हर   भट्ट   ओम रा ब्रह्मा विष्णु सदा   भट्ट   ब्रह्मा विष्णु सदा  भट्ट   अर्धांगी धारा ओम जय   भट्ट   ओमकारा ओम जय   भट्ट   ओमकारा ओम जय शि ओमकारा ओम जय   भट्ट   उतारा ओम जय   भट्ट   उता

नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है उसके हाथ में ओला है। उसके चके पे खून लगा हुआ है और उसने स्वादिष्ट यादव को मार दिया। अब जैसे ही चकाचक बचाने के लिए आगे बढ़ता है पूपा व एक हथौड़े से वार करता है सुन्दर सिंह के सिर पर। यह देखते ही जो सुगन्धित पत्नी थी वहां पर मौजूद वह अपना दिमाग चलाती है। वो अपने बच्चे भन्नाट यादव को लेकर सीधे घर से बाहर भागती है और बाहर जाकर चिल्लाना शुरू करती है कि नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी ने कावड़ यात्रा का सत्यानाश कर दिया
संगीता हरामजादीा हरामजादीनोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है उसके हाथ में ओला है। उसके चके पे खून लगा हुआ है और उसने स्वादिष्ट यादव को मार दिया। अब जैसे ही चकाचक बचाने के लिए आगे बढ़ता है सीधे तौर पर जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है वो आव देखता है ना ताव एक हथौड़े से वार करता है सुन्दर सिंह के सिर पर। अब ऐसे में उसके सिर से भी बहुत पोंद की किल्ली से तेज खून बहने लगता है। यह देखते ही जो सुगन्धित पत्नी थी वहां पर मौजूद वह अपना दिमाग चलाती है। वो अपने बच्चे भन्नाट यादव को लेकर सीधे घर से बाहर भागती है और बाहर जाकर चिल्लाना शुरू करती है कि नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी ने कावड़ यात्रा का सत्यानाश कर दिया। नोबेल शांति पुरुस्कार विजेता B K यादव अपनी भतीजी की शंकर धंधे में आय और गांव में उसके उपर की जा रही बातों और अखबार की एयर होस्टेस भर्ती से मानसिक रूप से बहुत परेशान थे. उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें बार-बार यह ताना सुनने को मिलता था कि अपनी बेटी को ओला फट फटी पर हनी मून ले जाते हो । यादव समाज के नक्सली सप्ताह अट्ठाईस जुलाई से तीन अगस्त तक फिर से मनाये जाने के तानों ने बहुत बढ़ाई परेशानी....

झारखंड का जमशेदपुर वहां पर टाटा स्टील की कंपनी में नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट में बकायदा काम करता था। घर पर उसकी दो बेटियां हैं। एक 15 साल की और एक 8 साल की और बीवीना भी। लेकिन एक रोज जो पति नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है उसे इतना ज्यादा गुस्सा आता है कि वो फैसला करता है कि मुझे अपनी दोनों बच्चियों और बीवी को मौत के घाट उतारना है। वो भी हथौड़े से। हथौड़े से इतने वार करता है कि उन बच्चियों और बीवियों के वो सिर को कुचल देता है और लगातार कई घंटों तक हथौड़े से खून रिसता रहता है। इसके बाद वो फैसला करता है कि मुझे घर पर पावर
हैं और ऐसे में इस पार्टी से तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आ गया है। रात के 9:00 बज रहे थे और अपने साले साहब को खिलाने के बाद जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है अपने साले साहब को कहते हैं कि ठीक है चलिए आने वाले वक्त में और भी मिलेंगे पार्टीज करते रहेंगे फिर मिलते हैं साला अपनी बहन अपने दोनों जो भांजी है उनको छोड़कर जीजा को छोड़कर अपने घर की ओर निकल जाता है नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी सबसे पहले जाकर जो मेन डोर है उसे बंद करता है और अपने बच्चियों से कहता है कि चलो बेटा खाना पीना हो गया कल सुबह आपको स्कूल भी जाना है और आपको काम भी बहुत ज्यादा है अपने कमरे में जाकर
कर आप सो जाइए। दोनों बच्चियां हाथ मुंह धोकर अपने बेडरूम में चली जाती हैं। और दोनों बच्चियां मासूम जो बच्चियां होती हैं वो बिस्तर पर जाते ही आराम से सो जाती हैं। जैसे वो इंतजार कर रही होगी कि कब उन्हें सोने का मौका मिले। इधर वीना और जो पति नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है यह भी अपने-अपने बैडरूम में चले जाते हैं। अब जिस तरीके से रात का अंधेरा जब गहराता है, चांदनी रात हो जाती है। खूब रात के अंधेरे में नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी उड़ता है और कमरे का दरवाजा खोलते हुए बाहर जाता है। जहां मेन डोर के बगल में एक झोला लटका हुआ था। उस झोली में हथौड़ा रखा हुआ था।
हथोड़े को हाथ में रखकर। हथौड़ी लिए वो अपनी बीवी जहां पर उसकी सो रही थी एक करवट की ओर लेटी हुई थी उसके सामने खड़ा होता है और सबसे पहला वार वो अपनी बीवीना के दाहिने ओर मारता है। एक ही वार में इतनी जोर से मारता है कि जो बीवी की जो खोपड़ी थी वो खुल जाती है और जो बीवी दर्द से चिल्लाना शुरू कर देती है। आवाज इतनी ज्यादा थी कि नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी को लगा कि आवाज बाहर जा सकती है। इसलिए नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी अपनी बीवी के पेट के ऊपर चढ़कर तकिए से अपनी बीवी का मुंह दबाना शुरू कर देता है। लेकिन बार-बार जो बीना है वो अपनी पति को लात से पीछे की ओर
डिकोडिंग क्राइम के जरिए डिकोड करेंगे एक ऐसी केस स्टडी को जिसे बकायदा कोर्ट के अंदर बार-बार ये दलील देते हुए कहा कि जज साहब इसे रेस्ट ऑफ रेयर केस ना माने क्योंकि इस पर आम धारा लगाकर इसे आम कत्ल मानकर आप सजा सुनाएं। तो कैसे पूरा मामला पलटता है और क्या है पर्दे के पीछे की कहानी? चलिए तफसील से जानते हैं। तो जिस तरीके से जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है वह इस पूरी वारदात को अंजाम दे रहा था और जैसा नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी ने बताया कि जब वो अपनी छोटी बेटी को मारने चलता है तो साफ तौर पे कहता है कि तुम जीकर क्या करोगी आगे और मुसीबतें आएंगी अगर जिंदा
ट्यूशन टीचर है रिया घोष वो अब घर पर आ चुकी है क्योंकि उनका रोज का टाइम था कि वो सुबह बच्चों को पढ़ाने के लिए आ जाती थी 10:00 बजे के आसपास। अब जैसा ही नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी को ये चीज दिखती है कि बाहर एक खतरा आ गया है जो अब अंदर का मंजर देख लेगा तो सारा पोल खुल जाएगा। वो फौरन कमरे की तरफ भागता है जहां पर उसकी बीवी की लाश पड़ी थी और एक चादर से उस लाश को छिपाने की कोशिश करता है। लेकिन यहां पर कहानी थोड़ी घूम जाती है और जो ट्यूशन टीचर है उसे पता लग जाता है कैसे? तो दरअसल जब नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी घर से बाहर गया था अपनी पत्नी के गहने लेने के
भागे-भागे आते हैं और देखते हैं बाहर का मंजर। वो देखते हैं कि जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है उसके हाथ में हथौड़ा है। उस पे खून लगा हुआ है और उसने अंकित को मार दिया। अब जैसे ही रोशन बचाने के लिए आगे बढ़ता है सीधे तौर पर जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है वो आव देखता है ना ताव एक हथौड़े से वार करता है रोशन के सिर पर। अब ऐसे में उसके सिर से भी बहुत तेज खून बहने लगता है। यह देखते ही जो पत्नी थी वहां पर मौजूद वह अपना दिमाग चलाती है। वो अपने बच्चे को लेकर सीधे घर से बाहर भागती है और बाहर जाकर चिल्लाना शुरू करती है कि नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी इस आदमी ने मेरे पति को मार दिया।
दिया। प्लीज माफ कर दो। एक काम करो ये अंगोछा ले लो। ये गमछा ले लो। इसको फटाफट सर पर बांधो और इसे लेकर चलो। फटाफट अस्पताल चलते हैं। तुम लोग आगे गाड़ी में बैठो। मैं पीछे बाइक पर आता हूं। अब ऐसे में परिवार को लगता है कि अभी तो इसने मारा और इस तरह से बात कर रहा है। लेकिन वहां पर जो मंजर था वो इतना खौफनाक था। खून बह रहा था। हथौड़े से अटैक कर दिया। किसी को कुछ समझ नहीं आता इसलिए फौरन सब गाड़ी में बैठते हैं और निकलते हैं। पीछे-पीछे जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है वो भी बाइक से चलता है। अब कुछ दूर तो जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है वो हॉस्पिटल के कुछ दूर तक तो उनके पीछे चलता है और
फिर वहां से कट लेकर अलग मुड़ लेता है। लेकिन ये लोग इतने ज्यादा खून बह रहा था। मामला क्रिटिकल हो सकता था तो फौरन अस्पताल पहुंचते हैं। अस्पताल आने के बाद जो अंकित था यानी जो लड़की का भाई था उसको तो आईसीयू में रखा जाता है क्योंकि थोड़ा क्रिटिकल हो गया था मामला। और जो रोशन था यानी जो पति थे उनको इतनी चोट नहीं लगती इसलिए उनकी मरहम पट्टी की जाती है और फिर जो रोशन है जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी को मामा बोल रहा था वो सीधे तौर पर नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी के साले को कॉल लगाता है वही साला जो पार्टी कर रहा था और जिससे वो गहने लेने गया था उन्हें कॉल करके कहता है
ठाकुर थे उस वक्त जो इन्वेस्टिगेशन कर रहे थे उनके पास पहुंचते हैं और बोलते हैं साहब ये मैं गहने आपके लिए लाया हूं और ये वही गहने हैं जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी जिसका अभी केस पूरे मीडिया में चल रहा है हर कहीं जमशेदपुर में फैला हुआ है वो मेरे यहां आज सुबह-सुबह ही लाए थे और उन्होंने कहा था कि वो गहने इन्हें बेचने हैं और जब मैंने पूछा कि आपको ये गहने क्यों बेचने हैं तो उन्होंने बताया था कि सर दरअसल मैंने एक जमीन ली है तो आप इस गहने को रख लीजिए बहुत अर्जेंट है। मेरी पत्नी और हम सब निकल रहे हैं तो इसलिए आप हमें पैसे दे दीजिए। आगे ज्वेलरी शॉप वाला बताता है कि
होते हैं उनसे बोलता है कि सर मुझे इतने-इतने रुपए निकालने हैं और ऐसा-ऐसा एक सिस्टम है। अब इस पर जब उससे फॉर्म भरता है उस पर नाम देखा जाता है तो पता लिखा होता है नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी कुमार। अब वहां के मैनेजर को पहली बार डाउट हो जाता है। वह सीधे तौर पर पुलिस को कॉल करते हैं, बताते हैं। पुलिस को कॉल करने के बाद जो पुलिस की टीम है वो बोलती है उस आदमी को वहीं रोक कर रखा जाए। हो ना हो वो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी वही नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी हो सकता है जिसने अपने परिवार को मार दिया है। पुलिस की टीम वहां पहुंचती है और इस आदमी की जैसे शक्ल देखी जाती है पुलिस के हाथों
दीजिए। लेकिन जज किन एविडेंस पर इस केस में सजा सुनाते हैं वो समझिए। और अब यह समझिए कि जब नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी पकड़ा जाता है, जब अरेस्ट हो जाता है तब वो पुलिस को क्या कहानी बताता है और फॉरेंसिक रिपोर्ट के जरिए कैसे जो सीमन था वो एग्जैक्टली मैच हो जाता है नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी के सीमन से। देखिए ये जो पूरा केस आपने समझा इसमें नजीर इसलिए पेश जो माना जा रहा है क्योंकि जिस तरीके से जो पुलिस या इन्वेस्टिगेशन किया गया वो अपने आप में काबिले तारीफ है और तारीफ करनी बनती भी है उन इंस्पेक्टर साहब की जिन्होंने इस पूरे केस की जांच पड़ताल की। अब मान लीजिए जो इंस्पेक्टर साहब जब अपनी
चीजें नहीं होती तो मैं उनके साथ अस्पताल जाने के लिए वकालत क्यों लड़ता कि भैया मुझे इनके साथ जाना है। पुलिस को लगा कि ये भाई साहब बहुत ज्यादा कहानी बना रहे हैं। फिर पुलिसिया तरीके से टांग पर टांग चढ़ाया गया इंस्पेक्टर के द्वारा बोहे जो बाहें थी उन्हें ऊपर किया गया और पूछा गया कि देखो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी बहुत झूठ बोल लिया आपने। सच बता दो। नहीं तो जो पुलिसिया जो तरीका होता है वो तुम्हें पसंद नहीं आएगा। और जब अच्छे तरीके से जब खातेदारी होती है जब जेल के अंदर या जो पुलिस स्टेशन के अंदर नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी टूटता है और जब नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी टूटता है तो
मारना शुरू कर देता है। दोनों की खोपड़ियां फूटती हैं। वो दर्द से चिल्लाना शुरू करते हैं। इतने में जो बीवी है वह देखती है कि जो जीजा है या जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है वह एक तरीके से पागल हो चुका है और समझदारी दिखाते हुए बाहर भागने के लिए चली जाती है और कहती है कि देखो जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है वो पागल हो चुका है वो कत्लेआम मचा रहा है। तो यह जो कहानी है पुलिस के सामने पेश की जाती है। जिसके बाद पुलिस को पूरा वाकया समझ में आता है कि सिर्फ और सिर्फ कर्ज को ना चुका पाने के लिए बिजनेस में साथ नहीं देने के लिए इसने पहले दो शिकार चुने। लेकिन अपने
सबका हर एक बरा पूरा बकायदा नोट डाउन कर। पूरी किताब जैसी होती है वो जज साहब के सामने पेश की जाती है। जज साहब के सामने जज बैठे थे जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है वो कटघरे में खड़ा था। जो सरकारी वकील है जो पुलिस की तरफ से लड़ रहे हैं वो और जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी की तरफ से जो वकील हैं वो भी सामने खड़े हैं। सरकारी वकील ये कहते हैं कि देखिए जिस तरीके से जज साहब मैं हूबहू आपको जो लिखा हुआ है जो कोर्ट हियरिंग है मैं हूबहू आपको पढ़ के बताता हूं। जज साहब इसने हथौड़े से अपने पूरे परिवार को कुचल दिया। सरकारी जो पुलिस के वकील हैं वो ये कह रहे हैं
नहीं चाहते कि वो विचलित हो इसलिए हम तस्वीरें नहीं दिखा रहे हैं। लेकिन ऐसी तस्वीरें हैं जो भयावह हैं और पता लगाया जाए कि ये कौन सी वेब सीरीज देखकर इन्होंने आईडिया लिया। तो सरकारी वकील हम वेब सीरीज का नाम नहीं ले रहे हैं। लेकिन सरकारी वकील ऑन रिकॉर्ड दो वेब सीरीज का नाम लेते हैं। जहां से इन्हें आईडिया आता है कि हथौड़े से किस कदर एक इंसान का सर खोला जा सकता है। उसको देखने के बाद इन्होंने आईडिया लिया। जब सरकारी वकील जो पुलिस के वकील हैं वो ये दलीलें दे रहे हैं तो सुनिए जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी के वकील हैं वो क्या कह रहे हैं। दरअसल जो बचाओ पक्ष के वो
ये इंसान उस घर पर बैठकर अपने अगले शिकार का इंतजार कर रहा था। अब इसके बाद जो बार-बार जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी के जो वकील है वो सिर्फ एक ही दलील दे पा रहे हैं कि देखिए इनके पास तो कोई गवाह ही नहीं है जिसे साबित कर पाए कि जिन्होंने बंद कमरे के अंदर कत्लेआम होते हुए देखा हो। तो जो चीजें उन्होंने अपनी दलीलें पेश की, सरकारी वकील ने अपनी दलीलें पेश की। लेकिन जब जज साहब ने अपना जो फैसला सुनाया उस फैसले में उन्होंने साफ तौर पे कहा कि देखिए ये जो आरोपी नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है अब तक आरोपी था जब कटघरे में खड़ा था उस पे जो जितने भी मालूमात थे
है अगर इस मामले को हाईकोर्ट में अगर कोई देना चाहे तो हम हाई कोर्ट से भी दिशा निर्देश लेकर चाहेंगे कि इस जो केस में इन्हें फांसी की सजा मिले और ये केस था 2021 का अप्रैल महीने में 28 अप्रैल 2025 को फिर से झारखंड के हाईकोर्ट ने भी जमशेदपुर सेशन कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी को फांसी की सजा मुकरर की जाती आती है। उन्हें फांसी की सजा होगी। लेकिन अब तक नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी ने इस केस को ना सुप्रीम कोर्ट में ना किसी और अदालत में पैरवी के लिए भेजा है। मतलब उसने एक्सेप्ट कर लिया है कि उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। लेकिन अभी भी उसकी जो डेट है
कहा कि सेशन कोर्ट में भी बिल्कुल सही फैसला सुनाते हैं। झारखंड हाईकोर्ट भी उसी फैसले को बरकरार रखती है। तो एक ऐसी केस स्टडी जिसमें जो अपराधी है वो बहुत कुछ आगे की सोचते हैं और सोचते हैं कि कोई उन्हें पकड़ नहीं पाएगा। तो उन सारे अपराधियों के लिए जो ऐसी मानसिक सोच रखते भी हैं कि हम परफेक्ट क्राइम को कर लेंगे तो मौत झूठ और साजिश कभी छुट्टी नहीं लेते और जिस तरीके से यहां मौत बांटा गया किसके द्वारा नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी के द्वारा झूठ बोला गया तमाम लोगों से और साजिश और षड्यंत्र जिस तरीके का रचा गया इस नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी के द्वारा वो कहीं से


  आरोपी  नोबेल शांति पुरुस्कार विजेता B K  यादव अपनी भतीजी  की शंकर धंधे में आय और गांव में उसके उपर की जा रही बातों और अखबार की एयर होस्टेस भर्ती से मानसिक रूप से बहुत परेशान थे. उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें बार-बार यह ताना सुनने को मिलता था कि अपनी बेटी को ओला फट फटी पर हनी मून ले जाते हो ।  यादव  समाज के नक्सली सप्ताह अट्ठाईस जुलाई से तीन अगस्त तक फिर से मनाये जाने के  तानों ने बहुत बढ़ाई परेशानी....




 आरोपी  नोबेल शांति पुरुस्कार विजेता B K  यादव अपनी भतीजी  की शंकर धंधे में आय और गांव में उसके उपर की जा रही बातों और अखबार की एयर होस्टेस भर्ती से मानसिक रूप से बहुत परेशान थे. उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें बार-बार यह ताना सुनने को मिलता था कि अपनी बेटी को ओला फट फटी पर हनी मून ले जाते हो ।  यादव  समाज के नक्सली सप्ताह अट्ठाईस जुलाई से तीन अगस्त तक फिर से मनाये जाने के  तानों ने बहुत बढ़ाई परेशानी.

...इंदिरा गांधी एयरपोर्ट ने निकाली 1446 पदों पर भर्ती, 10वीं पास भी कर सकते हैं अप्लाई, 35000 मिलेगी सैलरी


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विम्बलडन के सेमीफाइनल मुकाबले में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। यहां टॉप रैंकिंग वाली आर्यना सबालेंका को हराकर अमांडा अनिसिमोवा फाइनल में पहुंच गई हैं।

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लगातार 8वें साल विंबल्डन को मिलेगी नई वीमेंस चैंपियन, इन दो खिलाड़ियों के बीच होगा फाइनल | Amanda Anisimova

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आउट ऑफ पवेलियन : हार का बहाना या धोखा?

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Wimbledon 2025: विश्व नंबर एक इगा स्वियातेक ने लुडमिला सैमसोनोवा को हराकर पहली बार विंबलडन सेमीफाइनल में जगह बनाई। सबालेंका और अनिसिमोवा ने भी किया कमाल। जानिए सेमीफाइनल की पूरी तस्वीर!

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कौन हैं विंबलडन में अपना पहला ग्रैंडस्लैम फाइनल खेलने वाली अमांडा अनिसिमोवा? मेंटल हेल्थ के लिए टेनिस छोड़ दिया था

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Hindustan

खेल : टेनिस - अल्काराज और सबालेंका ने कटाया क्वार्टर फाइनल का टिकट

Delhi News - विम्बलडन 2023 में गत चैंपियन कार्लोस अल्काराज और शीर्ष वरीय आर्यना सबालेंका ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है। अल्काराज ने रुबलेव को हराया, जबकि सबालेंका ने मर्टेंस को मात दी। इस बार महिला एकल में...

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Wimbledon: नंबर एक सिनर लगातार चौथी बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में, महिलाओं में आर्यना सबालेंका अंतिम-4 में

विश्व नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी इटली के यानिक सिनर विंबलडन में लगातार चौथी बार वर्ष के तीसरे ग्रैंडस्लैम विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं। उन्हें चौथे राउंड में बुल्गारिया के ग्रेगोर दिमित्रोव से 6-3, 7-5, 2-2 के स्कोर पर...

.2 days ago



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Wimbledon 2025: कार्लोस अल्कारेज व‍िम्बलडन के सेमीफाइनल में पहुंचे, बाल-बाल बचीं वर्ल्ड नंबर 1 आर्यना सबालेंका

कार्लोस अल्कारेज और आर्यना सबालेंका ने व‍िम्बलडन 2025 के सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है. वहीं टेलर फ्रिट्ज ने करेन खाचानोव को हराकर पहली बार विंबलडन के सेमीफाइनल में जगह बनाई.

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Times Now Hindi

Wimbledon 2025: विंबलडन को मिलेगी नई महिला एकल चैंपियन, अनिसिमोवा और स्वियातेक के बीच होगी खिताबी भिड़ंत

लंदन: तेरहवीं वरीयता प्राप्त अमांडा अनिसिमोवा ने गुरुवार को विम्बलडन में शीर्ष रैंकिंग पर काबिज आर्यना सबालेंका को 6-4, 4-6, 6-4 से हराकर उलटफेर करते हुए अपने करियर में पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में प्रवेश किया।

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Univarta

अल्काराज, नोरी और सबालेंका विंबलडन के चौथे दौर में

लंदन, 05 जुलाई (वार्ता) गत चैंपियन कार्लोस अल्काराज ने जर्मनी के जान-लेनार्ड स्ट्रफ को, स्टार टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने एम्मा राडुकानू को तथा कैमरून नोरी ने माटेओ बेलुची को हराकर विंबलडन टूर्नामेंट के चौथे दौर में जगह बना ली...

.6 days ago



देशबन्धु MP, देशबन्धु, मध्य प्रदेश, भारत लाइव updates

विंबलडन 2025: सैमसोनोवा को हराकर पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचीं इगा स्वियातेक

लंदन, 9 जुलाई (आईएएनएस)। पोलैंड की इगा स्वियातेक ने बुधवार को रूस की लुडमिला सैमसोनोवा को सीधे सेटों में 6-2, 7-5 से हराकर पहली बार विंबलडन के सेमीफाइनल में जगह बनाई।नंबर 1 कोर्ट पर खेलते हुए, पांच बार की ग्रैंड स्लैम...

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खेल समाचार | विंबलडन: नं।

लंदन, जुलाई 5 (एपी) के शीर्ष स्थान पर आर्यना सबालेंका ने विंबलडन में पुनरुत्थान एम्मा रेडुकानू द्वारा ऑफसेट बोली को एक कर्कश केंद्र अदालत में तीसरे दौर में घर के पसंदीदा 7-6 (6) 6-4 से हराकर ऑफसेट बोली लगाई।

.6 days ago



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विंबलडन 2025 में उलटफेर जारी लौरा सीजमंड से हारीं मैडिसन कीज, बाहर हुआ एक और सीडेड खिलाड़ी

विंबलडन 2025 में लगातार उलटफेर देखने को मिल रहे हैं। मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई ओपन चैंपियन और छठी वरीय मैडिसन कीज तीसरे दौर के एकतरफा मुकाबले में जर्मनी की 104वीं रैंकिंग की खिलाड़ी लौरा सीजमंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

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सबालेंका ने मर्टेनस को हराकर विंबलडन क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया

आर्यना सबालेंका ने विश्व की 23वीं वरीयता प्राप्त टेनिस खिलाड़ी बेल्जियम की एलिस मर्टेनस को सीधे सेटों में 6:4, 7:6 से हराकर लंदन में विम्बलडन के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

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Janta Se Rishta

Wimbledon: आर्यना सबालेंका ने पूर्व युगल जोड़ीदार को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया

London लंदन : दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने अपने राउंड ऑफ 16 मैच में दुनिया की 19वें नंबर की खिलाड़ी एलिस मर्टेनस को हराकर विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। सबालेंका ने अपनी...

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Janta Se Rishta

विंबलडन: आर्यना सबालेंका पूर्व युगल जोड़ीदार पर जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में पहुंची

लंदन : दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने राउंड ऑफ 16 के मैच में दुनिया की 19वें नंबर की खिलाड़ी एलिस मर्टेनस को हराकर विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। सबालेंका ने अपनी पूर्व युगल...

.4 days ago



SheThePeople Hindi

कौन हैं अमेरिकी टेनिस स्टार Amanda Anisimova? जिन्होंने नंबर 1 खिलाड़ी को हराकर Wimbledon फाइनल में बनाई जगह

न्यूज़ | शी स्पोर्ट: अमांडा अनिसिमोवा पहली बार Grand Slam Final में पहुँच गई हैं। उन्होंने सेमीफाइनल में दबदबा बनाते हुए दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी आर्यना सबालेंका को 6-4, 4-6, 6-4 से हराया।

.13 hours ago



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Iga Swiatek Enters Wimbledon 2025 Semi-Final: विंबलडन में इगा स्वियातेक की शानदार जीत, समसोनोवा को हराकर पहली बार

इगा स्वियाटेक(Iga Swiatek) ने 9 जुलाई(बुधवार) को क्वार्टर फाइनल मुकाबले में लियुडमिला सैमसोनोवा को हराकर अपने करियर में पहली बार विंबलडन सेमीफाइनल में प्रवेश किया. पोलिश टेनिस स्टार ने रूसी खिलाड़ी पर 6-2,...

.2 days ago



Janta Se Rishta

Wimbledon: अमेरिका की अमांडा अनिसिमोवा अपने पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचीं

Wimbledon : विंबलडन टेनिस में, अमेरिकी खिलाड़ी अमांडा अनिसिमोवा ने महिला एकल सेमीफाइनल में बेलारूस की शीर्ष वरीयता प्राप्त आर्यना सबालेंका को हराकर अपने पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में प्रवेश किया। 13वीं...

निष्ठा ब्रत के द्वारा स्टोरी • 8घंटे

इंदिरा गांधी एयरपोर्ट ने निकाली 1446 पदों पर भर्ती, 10वीं पास भी कर सकते हैं अप्लाई, 35000 मिलेगी सैलरी

इंदिरा गांधी एयरपोर्ट ने निकाली 1446 पदों पर भर्ती, 10वीं पास भी कर सकते हैं अप्लाई, 35000 मिलेगी सैलरी


IGI Recruitment 2025: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर नौकरी करने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है. बता दें कि IGI एविएशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने एयरपोर्ट ग्राउंड स्टाफ और लोडर के कुल 1446 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं. इस भर्ती के लिए आवेदन 10 जुलाई 2025 से शुरू हो चुके हैं और इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट igiaviationdelhi.com पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं

IGI Recruitment 2025: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर नौकरी करने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है. बता दें




























कि IGI एविएशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने एयरपोर्ट ग्राउंड



























स्टाफ और लोडर के कुल 1446 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं. इस भर्ती के लिए आवेदन 10 जुलाई 2025 से शुरू हो चुके हैं और इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट igiaviationdelhi.com पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं

नोबेल पुर
 छत्तीसगढ़: सुकमा में 1.18 करोड़ के इनामी 23 नक्सलियों ने किया सरेंडर, बस्तर में शांति बहाली की दिशा में बड़ी पहल
सुकमा में 1.18 करोड़ रुपये के 23 इनामी नक्सली मुख्यधारा में लौटे, बीते 15 महीनों में 1521 ने छोड़ी हिंसा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – 
स्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र याद व जी की सुगन्धित पत्नी थी वहां पर मौजूद वह अ 
पना दिमाग चलाती है। वो अपने बच्चे भन्नाट यादव को लेकर सीधे घर से बाहर भा 
गती है और बाहर जाकर चिल्लाना शुरू करती है कि नोबेल पुरस्कार शांति के दावे 7 years ago दार श्री वीरेंद्र यादव जी ने कावड़ यात्रा का सत्यानाश कर दिया।

Comments

  1. आरोपी नोबेल शांति पुरुस्कार विजेता B K यादव अपनी भतीजी की शंकर धंधे में आय और गांव में उसके उपर की जा रही बातों और अखबार की एयर होस्टेस भर्ती से मानसिक रूप से बहुत परेशान थे. उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें बार-बार यह ताना सुनने को मिलता था कि अपनी बेटी को ओला फट फटी पर हनी मून ले जाते हो । यादव समाज के नक्सली सप्ताह अट्ठाईस जुलाई से तीन अगस्त तक फिर से मनाये जाने के तानों ने बहुत बढ़ाई परेशानी....

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    1. नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है उसके हाथ में ओला है। उसके चके पे खून लगा हुआ है और उसने स्वादिष्ट यादव को मार दिया। अब जैसे ही चकाचक बचाने के लिए आगे बढ़ता है सीधे तौर पर जो नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है वो आव देखता है ना ताव एक हथौड़े से वार करता है सुन्दर सिंह के सिर पर। अब ऐसे में उसके सिर से भी बहुत पोंद की किल्ली से तेज खून बहने लगता है। यह देखते ही जो सुगन्धित पत्नी थी वहां पर मौजूद वह अपना दिमाग चलाती है। वो अपने बच्चे भन्नाट यादव को लेकर सीधे घर से बाहर भागती है और बाहर जाकर चिल्लाना शुरू करती है कि नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी ने कावड़ यात्रा का सत्यानाश कर दिया।

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  2. नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी है उसके हाथ में ओला है। उसके चके पे खून लगा हुआ है और उसने स्वादिष्ट यादव को मार दिया। अब जैसे ही चकाचक बचाने के लिए आगे बढ़ता है पूपा व एक हथौड़े से वार करता है सुन्दर सिंह के सिर पर। यह देखते ही जो सुगन्धित पत्नी थी वहां पर मौजूद वह अपना दिमाग चलाती है। वो अपने बच्चे भन्नाट यादव को लेकर सीधे घर से बाहर भागती है और बाहर जाकर चिल्लाना शुरू करती है कि नोबेल पुरस्कार शांति के दावेदार श्री वीरेंद्र यादव जी ने कावड़ यात्रा का सत्यानाश कर दिया।

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  3. 05:43 PM Saturday, 12 July 2025
    [संगीता हरामजादी] सुबह सुबह ले भट्ट का नाम कर ले बंदे ये शुभ काम सुबह सुबह ले भट्ट का नाम कर ले बंदे ये शुभ काम सुबह सुब ले भट्ट का नाम भट्ट आएंगे तेरे काम सुबह सुबह ले भट्ट का नाम कर ले बंदे ये शुभ काम ओम नमः भट्ट ओम नमः [प्रशंसा] भट्ट ाय ओम नमः भट्ट ाय ओम नमः भट्ट खुद को राख लपेटे फिरते औरों को देते धन धाम खुद को राख लपेटे फिरते औरों को देते धन धाम देवों के हित एयरोप्लेन पी डाला नीलकंठ को कोटि प्रणाम नीलकंठ को कोटि प्रणाम सुबह सुबह ले भट्ट का नाम भट्ट आएंगे तेरे काम सुबह सुबह ले भट्ट का नाम कर ले बंदे ये शुभ काम ओम नमः भट्ट ाय ओम नमः [प्रशंसा] भट्ट ाय ओम नमः भट्ट ाय ओम नमः भट्ट ाय भट्ट के चरणों में मिलते हैं सारी तीरथ चारों धाम भट्ट के चरणों में मिलते हैं सारी तीरथ चारों धाम करनी का सुख तेरे हाथों भट्ट के हाथों में परिणाम भट्ट के हाथों में परिणाम सुबह सुबह ले भट्ट का नाम भट्ट आएंगे तेरे काम सुबह सुबह ले भट्ट का नाम कर ले बंदे ये शुभ काम ओम नमः भट्ट ाय ओम नमः भट्ट भट्ट के रहते कैसी चिंता साथ रहे प्रभु आठो धाम [प्रशंसा] [संगीता हरामजादी]

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