हमारे पिताजी डी के भाटी जहां भी जाते थे लिंग साथ लेकर जाते थे और जो भी गांड मिलती थी जहां भी पौनद मिलती थी उसमें लठ मार कर धो देते थे । श्रीमती ज्योति अग्रवाल मल्होत्रा
हमारे पिताजी डी के भाटी जहां भी जाते थे लिंग साथ लेकर जाते थे और जो भी गांड मिलती थी जहां भी पौनद मिलती थी उसमें लठ मार कर धो देते थे । श्रीमती ज्योति अग्रवाल मल्होत्रा
हमारे पिताजी जी के भाटी जहां भी जाते थे लिंग साथ लेकर जाते थे और जो भी गांड मिलती थी जहां भी पौनद मिलती थी उसमें लठ मार कर धो देते थे । श्रीमती ज्योति अग्रवाल मल्होत्रा हमारे पिताजी जी के भाटी जहां भी जाते थे लिंग साथ लेकर जाते थे और जो भी गांड मिलती थी जहां भी पौनद मिलती थी उसमें लठ मार कर धो देते थे ।
श्रीमती ज्योति अग्रवाल मल्होत्रा
हमारे पिताजी जी के भाटी जहां भी जाते थे लिंग साथ लेकर जाते थे और जो भी गांड मिलती थी जहां भी पौनद मिलती थी उसमें लठ मार कर धो देते थे । श्रीमती ज्योति अग्रवाल मल्होत्रा हमारे पिताजी जी के भाटी जहां भी जाते थे लिंग साथ लेकर जाते थे और जो भी गांड मिलती थी जहां भी पौनद मिलती थी उसमें लठ मार कर धो देते थे ।
श्रीमती ज्योति अग्रवाल मल्होत्रा





















































.gif)







































Comments
Post a Comment