अग्रवाल बेटी , अभी तूने 4 सित को बिहार बंद में तबाही देखी कहां है ? अभी तो बादल फटने के बाद संचार तंत्र के बिकने के कारण तुझे एक करोड़ से ज्यादा चपत लगी है । अब भी शीत लहर में आना बाकी है । शीत लहर में तू तेरी स्वादिष्ट संतान को अलग त ड़ पा ए गी खुद अलग तड़पेगी और अगर डायरिया में बैंड में बज गई तो लू लगने से मरेगी । तेरे पास एक ही रास्ता है। तू प्राकृतिक आपदा पीड़िताओ और डिस्को पुत्री चन्द्रकान्ता की नई यूनियन बना और खुद उसकी अध्यक्षआ बन जा और अधूरा दिमागी हस्ताक्षकरता के श्री लण्ड में अपना शेष जीवन समर्पित कर दे, किंतु कि सी भी स्थि ति में गणेश धंधा बिफोर दुर्गा धंनदी और एयरपोर्ट में भर्ती के चक्कर में मत पड़x भले ही टेस्टी इंसान कोचिंग धंधा जाने लगे । धन्यवाद 4 सितंबर 2025 को पूर्वाहन झारखंड बंद की खुशी में पिताजी अग्रवाल पुत्री पर बिगड़ रहे थे कि चंद्रकांता बेटि तुम्हें सुबह 7:00 से दोपहर 2:00 बजे तक के बजाए 10:00 बजे से 6:00 बजे तक इंडिया बंद का आवाहन करना था किंतु अंडरलाइन कर लेना की पापी की ओला फटफटी ना हारेगी ना पंचर होगी ना थकेगी न रुकेगी । स्व. दिनेश...
मंगलवार 17 जून 2025 दिनदहाड़े 12:00 बजे की बहुत पुराणी बात है । विलासराव देशमुख की 125 किलो लीटर एयरपोर्ट फ्यूल - केरोसिन में जली राख का डीएनए टेस्ट कर अवशेष को फिर की से जलाया जा रहा था और पुत्रवधूये पोंद निकालकर इसराइल हमास इराक चिल्ला रही थी तो पिताजी डी के भाटी बिना बताए बिना बुलाए और सभी ass को और डिस्को वीडियो को कोचलते हुए फट फटी पर चिल्लाने लगे की लुगाई तंत्र के पांचो स्तंभों के बिकने के बादशादी धंधा और बर्थडे धंधा और विभिन्न प्रकार के उत्सव समारोह और टावर फाइनेंस का अखबार के माध्यम से 22 जून को अधो हस्ताक्षर करता की तिहाड़ यात्रा के उपलक्षय में कारागार हफ्ते की बजाय 22 जून को योग धंधा मनाया जाना और 22 जून को ही नक्सलियों के 11 जून से 3 अगस्त तक मनाए जाने वाले शहीदी सप्ताह में बिरसा मुंडा की हत्या के आरोप में 10 जून को नक्सली बंद की सफलता के बाद सुधाकर राव उर्फ प्रभाकर राव की स्मृति में फिर से वनडे नक्सली बंद हो जाना और २२ जून को ही हिड़मा माओवादी की हत्या की डिस्को खबर आना और लुगाई तंत्र के भगवन जी का बिक जाना और इसके बावजूद भी भाटी पुत्री ने किस बम से अपनी गांड को मार लिया है इसका अता पता नहीं चल पाना और लगातार नए बम उगलने जाना और पुराने बम लगातार बम बने रहना और इसके बावजूद भी स्कूल धंधे को 17 जून से बड़ाकर 1 जुलाई या 15 जुलाई या 1 अगस्त के बजाए डायरेक्ट 15 अगस्त 2025 के बाद से खुलने का आदेश न सिर्फ महाराष्ट्र में बलकी पूरी अमेरिका और इंडिया में पारित हो जाना और इसके बावजूद भी कोरोना वायरस का मास्क के कारण नए-नए वेरिएंट का आ जाना और स्वादिष्ट इंसानों का स्कूल धंधा पलायन जो ₹48 माह के होते ही नहीं है XX डी के भाटी को बिल्कुल भी पसंद नहीं है। इस कहानी से यह भी पता चलता है कि भाटिया नाना की 90 करोड़ की बरसातऔर असीमित नोटों की धन वर्षा और एप्लीकेशंस आफ एडवांस इंजीनियरिंग मैथमेटिक्स को आपरेटिव एंड मैनेजमेंटऔर बॉटनी नाम की पुस्तक 25 साल की सेवा के बाद पदोन्नति मिलने पर ही एनसीआरटी और बिके हुए पाठ्य पुस्तक निगम को विस्थापत कर से फिर से बिना मकान बिना दुकान बिना पोंद हरा भरा करने में समर्थ है । धन्यवाद
ReplyDeleteमंगलवार 17 जून 2025 दिनदहाड़े 12:00 बजे की बहुत पुराणी बात है । विलासराव देशमुख की 125 किलो लीटर एयरपोर्ट फ्यूल - केरोसिन में जली राख का डीएनए टेस्ट कर अवशेष को फिर की से जलाया जा रहा था और पुत्रवधूये पोंद निकालकर इसराइल हमास इराक चिल्ला रही थी तो पिताजी डी के भाटी बिना बताए बिना बुलाए और सभी ass को और डिस्को वीडियो को कोचलते हुए फट फटी पर चिल्लाने लगे की लुगाई तंत्र के पांचो स्तंभों के बिकने के बादशादी धंधा और बर्थडे धंधा और विभिन्न प्रकार के उत्सव समारोह और टावर फाइनेंस का अखबार के माध्यम से 22 जून को अधो हस्ताक्षर करता की तिहाड़ यात्रा के उपलक्षय में कारागार हफ्ते की बजाय 22 जून को योग धंधा मनाया जाना और 22 जून को ही नक्सलियों के 11 जून से 3 अगस्त तक मनाए जाने वाले शहीदी सप्ताह में बिरसा मुंडा की हत्या के आरोप में 10 जून को नक्सली बंद की सफलता के बाद सुधाकर राव उर्फ प्रभाकर राव की स्मृति में फिर से वनडे नक्सली बंद हो जाना और २२ जून को ही हिड़मा माओवादी की हत्या की डिस्को खबर आना और लुगाई तंत्र के भगवन जी का बिक जाना और इसके बावजूद भी भाटी पुत्री ने किस बम से अपनी गांड को मार लिया है इसका अता पता नहीं चल पाना और लगातार नए बम उगलने जाना और पुराने बम लगातार बम बने रहना और इसके बावजूद भी स्कूल धंधे को 17 जून से बड़ाकर 1 जुलाई या 15 जुलाई या 1 अगस्त के बजाए डायरेक्ट 15 अगस्त 2025 के बाद से खुलने का आदेश न सिर्फ महाराष्ट्र में बलकी पूरी अमेरिका और इंडिया में पारित हो जाना और इसके बावजूद भी कोरोना वायरस का मास्क के कारण नए-नए वेरिएंट का आ जाना और स्वादिष्ट इंसानों का स्कूल धंधा पलायन जो ₹48 माह के होते ही नहीं है XX डी के भाटी को बिल्कुल भी पसंद नहीं है। इस कहानी से यह भी पता चलता है कि भाटिया नाना की 90 करोड़ की बरसातऔर असीमित नोटों की धन वर्षा और एप्लीकेशंस आफ एडवांस इंजीनियरिंग मैथमेटिक्स को आपरेटिव एंड मैनेजमेंटऔर बॉटनी नाम की पुस्तक 25 साल की सेवा के बाद पदोन्नति मिलने पर ही एनसीआरटी और बिके हुए पाठ्य पुस्तक निगम को विस्थापत कर से फिर से बिना मकान बिना दुकान बिना पोंद बिना अखबार को जलाए बिना बीवी को फोड़ के हरा भरा करने में समर्थ है । धन्यवाद
ReplyDeleteमंगलवार 17 जून 2025 दिनदहाड़े 12:00 बजे की बहुत पुराणी बात है । विलासराव देशमुख की 125 किलो लीटर एयरपोर्ट फ्यूल - केरोसिन में जली राख का डीएनए टेस्ट कर अवशेष को फिर की से जलाया जा रहा था और पुत्रवधूये पोंद निकालकर इसराइल हमास इराक चिल्ला रही थी तो पिताजी डी के भाटी बिना बताए बिना बुलाए और सभी ass को और डिस्को वीडियो को कोचलते हुए फट फटी पर चिल्लाने लगे की लुगाई तंत्र के पांचो स्तंभों के बिकने के बादशादी धंधा और बर्थडे धंधा और विभिन्न प्रकार के उत्सव समारोह और टावर फाइनेंस का अखबार के माध्यम से 22 जून को अधो हस्ताक्षर करता की तिहाड़ यात्रा के उपलक्षय में कारागार हफ्ते की बजाय 22 जून को योग धंधा मनाया जाना और 22 जून को ही नक्सलियों के 11 जून से 3 अगस्त तक मनाए जाने वाले शहीदी सप्ताह में बिरसा मुंडा की हत्या के आरोप में 10 जून को नक्सली बंद की सफलता के बाद सुधाकर राव उर्फ प्रभाकर राव की स्मृति में फिर से वनडे नक्सली बंद हो जाना और २२ जून को ही हिड़मा माओवादी की हत्या की डिस्को खबर आना और लुगाई तंत्र के भगवन जी का बिक जाना और इसके बावजूद भी भाटी पुत्री ने किस बम से अपनी गांड को मार लिया है इसका अता पता नहीं चल पाना और लगातार नए बम उगलने जाना और पुराने बम लगातार बम बने रहना और इसके बावजूद भी स्कूल धंधे को 17 जून से बड़ाकर 1 जुलाई या 15 जुलाई या 1 अगस्त के बजाए डायरेक्ट 15 अगस्त 2025 के बाद से खुलने का आदेश न सिर्फ महाराष्ट्र में बलकी पूरी अमेरिका और इंडिया में पारित हो जाना और इसके बावजूद भी कोरोना वायरस का मास्क के कारण नए-नए वेरिएंट का आ जाना और स्वादिष्ट इंसानों का स्कूल धंधा पलायन जो ₹48 माह के होते ही नहीं है XX डी के भाटी को बिल्कुल भी पसंद नहीं है। इस कहानी से यह भी पता चलता है कि भाटिया नाना की 90 करोड़ की बरसातऔर असीमित नोटों की धन वर्षा और एप्लीकेशंस आफ एडवांस इंजीनियरिंग मैथमेटिक्स को आपरेटिव एंड मैनेजमेंटऔर बॉटनी नाम की पुस्तक 25 साल की सेवा के बाद पदोन्नति मिलने पर ही एनसीआरटी और बिके हुए पाठ्य पुस्तक निगम को विस्थापत कर से फिर से बिना मकान बिना दुकान बिना पोंद बिना अखबार को जलाए बिना बीवी को फोड़ के हरा भरा करने में समर्थ है । धन्यवाद